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संस्कार कक्षाओं का समापन, विद्यार्थियों ने सीखे मंत्र, श्लोक और नैतिक शिक्षा।

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संस्कार कक्षाओं का समापन, विद्यार्थियों ने सीखे मंत्र, श्लोक और नैतिक शिक्षा।

विश्व मंगल सभा खंडवा इकाई द्वारा शिव मंदिर परिसर में एक माह से चल रहा था आयोजन।

खंडवा। विश्व मंगल सभा की खंडवा इकाई द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित संस्कार कक्षाओं का समापन शिव मंदिर, ब्रजनगर परिसर में किया गया। यह कक्षाएं 19 अप्रैल 2026 से निरंतर चल रही थीं, जिनमें छात्र-छात्राओं को मंत्र, श्लोक, स्तोत्र और नैतिक शिक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।

प्रतिदिन 25 से 30 विद्यार्थियों की सहभागिता

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि इस संस्कार कक्षा में प्रतिदिन लगभग 25 से 30 विद्यार्थी नियमित रूप से शामिल हुए। साथ ही मंदिर परिसर और आसपास क्षेत्र की महिलाएं भी इस कार्यक्रम से
जुड़ी रहीं। विद्यार्थियों ने गणेश, शिव, देवी दुर्गा, सूर्य, विष्णु और हनुमान जी के मंत्रों का अभ्यास किया।

महापुरुषों की कथाओं से दी गई नैतिक शिक्षा

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को भक्त ध्रुव, प्रह्लाद, श्रीराम, शिवाजी और हनुमान जी जैसे महापुरुषों की कथाओं के माध्यम से नैतिक शिक्षा प्रदान की गई। आयोजकों के अनुसार बच्चों में संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिकता विकसित करने के उद्देश्य से यह कक्षाएं शुरू की गई थीं।
योग और आध्यात्मिक गतिविधियों पर जोर
कक्षाओं में योग अभ्यास, श्लोक उच्चारण और आध्यात्मिक गतिविधियों को शामिल किया गया। बच्चों ने खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान प्राप्त किया।
समापन समारोह में विशेष आयोजन

समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि समापन अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। 24 मई 2026 को आयोजित समापन समारोह में विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम रखा गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रसाद स्वरूप चॉकलेट, बिस्किट और चिप्स वितरित किए गए।
शिक्षिकाओं और आयोजकों की भूमिका

कार्यक्रम में सदाचार सभा की प्रमुख श्रीमती सुधा सोनी, श्रीमती छाया पाराशर, श्रीमती उमा अग्रवाल और श्रीमती सुनीता तिवारी ने शिक्षिका के रूप में योगदान दिया। मंदिर प्रबंधन से श्री शिव तिवारी का विशेष सहयोग रहा। विश्व मंगल सभा की अध्यक्ष डॉ. भारती पाराशर के नेतृत्व में कक्षाओं का सफल संचालन किया गया।
अन्य गतिविधियां भी रहीं शामिल
इस अवसर पर एक अन्य आयोजनकर्ता चिरंजीवी पाराशर का जन्मदिन भी मनाया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर परिसर में प्रतिदिन शाम को शिव अर्चना और विष्णु स्तुतियों का गायन भी नियमित रूप से किया जा रहा है।
उद्देश्य संस्कार और संस्कृति का संवर्धन
आयोजकों का कहना है कि इस तरह की संस्कार कक्षाओं का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों का विकास करना है। कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।

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